इस आदेश (संशोधित अधिसूचना 16 मार्च 2023 के संदर्भ में) का सारांश निम्नलिखित है:
1. पदोन्नति पर रोक का अंत
- पहले नियम था कि 2 से अधिक संतान (more than 2 children) होने पर 5 साल या 3 साल तक प्रमोशन रोक दिया जाता था।
- अब नए नियमों के अनुसार, ऐसे कर्मचारियों को उनकी देय तिथि (Due Date) से ही पदोन्नति का लाभ दिया जाएगा। उन्हें अब वर्षों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
2. वेतन निर्धारण (Pay Fixation)
- पदोन्नति होने पर कर्मचारी का वेतन पदोन्नत पद (Higher Post) के अनुसार फिक्स किया जाएगा।
- काल्पनिक वेतन वृद्धि (Notional Increment): पदोन्नति के बाद अगले तीन वर्षों तक कर्मचारी को वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ ‘काल्पनिक’ (Notional) रूप से मिलेगा। इसका मतलब है कि इन 3 सालों में वेतन तो बढ़ेगा (कागज पर), लेकिन बढ़ा हुआ नकद पैसा 3 साल बाद मिलना शुरू होगा।
3. वरिष्ठता (Seniority)
- कर्मचारी को उसकी मूल वरिष्ठता (Original Seniority) वापस मिल जाएगी। यदि किसी कर्मचारी का प्रमोशन संतान नियम की वजह से रुका हुआ था, तो अब उसे उसके साथियों के समान ही वरिष्ठता दी जाएगी।
4. एरियर (Arrears)
- आदेश के अनुसार, पदोन्नति पिछली तारीख (Back Date) से तो दी जा सकती है, लेकिन उस पिछली अवधि का बकाया वेतन (Arrear) नहीं दिया जाएगा। बढ़ा हुआ वेतन वास्तविक रूप से आदेश जारी होने की तिथि या कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से ही देय होगा।
5. मुख्य शर्तें
- यह नियम उन कार्मिकों पर प्रभावी है जिनकी पदोन्नति वर्ष 2020-21 या उसके बाद देय थी।
- 1 जून 2002 से पहले की संतानों को इस गणना में शामिल नहीं किया जाता (जब तक कि उसके बाद संख्या में वृद्धि न हुई हो)।
निष्कर्ष: यह आदेश उन कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत है जिनका करियर संतान नियम की वजह से पिछड़ गया था। अब वे समय पर पदोन्नत हो सकेंगे और 3 साल बाद उनकी वार्षिक वेतन वृद्धि का नकद लाभ भी सुचारू हो जाएगा।
