राजस्थान सेवा नियम एवं वेतनमान (Revised Pay Scales, ACP, MACP Rules): सम्पूर्ण गाइड व FAQ

यदि आप राजस्थान सरकार के कर्मचारी हैं, लेखा शाखा से जुड़े हैं, या राजस्थान प्रशासनिक सेवाओं / लेखा परीक्षा परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो राजस्थान सरकार के पुनरीक्षित वेतनमान नियमों (Revised Pay Scale Rules), चयनित वेतनमान (Selection Grade), आश्वासित कैरियर प्रगति योजना (ACP), संशोधित आश्वासित कैरियर प्रगति योजना (MACP) तथा सेवा पुस्तिका व अवकाश नियमों को विस्तार से समझना आवश्यक है।

इस ब्लॉग पोस्ट में हमने नगर निगम एवं शिक्षा विभाग (बीकानेर/जोधपुर) द्वारा संकलित महत्वपूर्ण परिपत्रों व नियमों को सरल हिंदी भाषा में प्रश्न-उत्तर (Questions & Answers) प्रारूप में तैयार किया है।

1. राजस्थान पुनरीक्षित वेतनमान नियम (Pay Rules Overview)

Q1. राजस्थान में विभिन्न पुनरीक्षित वेतनमान नियम कब-कब लागू किए गए?

  • 1989 नियम: प्रभावी तिथि 01.09.1988[cite: 1]
  • 1998 नियम: प्रभावी तिथि 01.09.1996
  • 2008 नियम: प्रभावी तिथि 01.09.2006 (वित्त विभाग अधिसूचना 12.09.2008)
  • 2013 (चतुर्थ संशोधन) नियम: प्रभावी तिथि 01.01.2006
  • 2017 नियम (7th Pay Commission): प्रभावी तिथि 01.01.2016
  • MACP योजना: प्रभावी तिथि 01.04.2023 (परिपत्र दिनांक 06.10.2023)

Q2. 7वें वेतन आयोग (2017 नियमों) के अंतर्गत प्रारंभिक वेतन निर्धारण (Pay Fixation) का सूत्र क्या है?

7वें वेतन आयोग के अंतर्गत वेतन नियतन की प्रक्रिया निम्नलिखित है:

  1. 01.01.2016 को विद्यमान मूल वेतन (Basic Pay) को 2.57 के गुणक (Multiplier) से गुणा किया जाता है।
  2. प्राप्त राशि को निकटतम रुपये तक पूर्णांकित (Round off) करके संबंधित Pay Matrix Level के Cell में रखा जाता है।
  3. यदि समान Cell उपलब्ध न हो, तो अगले उच्चतर (Next Higher) Cell में वेतन नियत किया जाता है।

2. चयनित वेतनमान (Selection Grade) व ACP / MACP योजनाएं

Q3. ACP और MACP योजना में मुख्य अंतर क्या है?

  • ACP Scheme (01.01.2016 से): चतुर्थ श्रेणी, मंत्रालयिक एवं अधीनस्थ सेवा कार्मिकों को नियमित नियुक्ति से 9, 18 व 27 वर्ष की सेवा पर तथा राज्य सेवा कार्मिकों को 10, 20 व 30 वर्ष की सेवा पर तीन वित्तीय उन्नयन प्रदान किए जाते थे।
  • MACP Scheme (01.04.2023 से लागू): वित्त विभाग के आदेश दिनांक 06.10.2023 द्वारा सभी चतुर्थ श्रेणी, मंत्रालयिक, अधीनस्थ व राज्य सेवा के कार्मिकों के लिए 9, 18 व 27 वर्ष की नियमित सेवा पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय MACP देय की गई है। इसमें कर्मचारी जिस कैडर में कार्यरत है, उसके पदोन्नति पद का Pay Level या अनुसूची अनुसार अगला Pay Level स्वीकृत किया जाता है।

Q4. MACP के अंतर्गत 01.04.2023 को वेतन का पुनः नियतन (Refixation) कैसे होता है?

यदि किसी कर्मचारी का वर्तमान Pay Level, MACP के अंतर्गत अनुज्ञेय Pay Level से कम है, तो उसका वेतन 01.04.2023 को MACP Pay Level में उसके वर्तमान वेतन के समान Cell पर पुनः नियत किया जाएगा। यदि समान Cell उपलब्ध नहीं है, तो ठीक अगले उच्चतर Cell (Next Higher Cell) में वेतन नियत होगा।

Q5. पदोन्नति का परित्याग (Forego Promotion) करने पर ACP/MACP पर क्या प्रभाव पड़ता है?

  • यदि कोई कर्मचारी पदोन्नति का परित्याग करता है, तो उसे आगामी ACP/MACP स्वीकृत नहीं की जाएगी।
  • पदोन्नति परित्याग की रिक्ति तिथि से पुनः पदोन्नति स्वीकार करने की रिक्ति तिथि तक की अवधि में ACP/MACP आस्थगित (Deferred) रखी जाएगी और नकद लाभ पुनः पदोन्नति पद पर कार्यग्रहण तिथि से मिलेगा।

3. विभागीय दंड (Penalties) एवं संतान नियमों का प्रभाव

Q6. विभिन्न दंडों का ACP व MACP पर क्या प्रभाव पड़ता है?

दण्ड का प्रकारACP पर प्रभावMACP पर प्रभाव
परिनिन्दा (Censure)प्रत्येक दंडादेश हेतु 1 वर्ष विलंबकोई प्रभाव नहीं (अधिसूचना 20.01.2025)
असंचयी प्रभाव से वेतनवृद्धि रोकनाप्रत्येक दंडादेश हेतु 1 वर्ष विलंब1 वर्ष विलंब
संचयी प्रभाव से वेतनवृद्धि रोकनाजितने वर्ष रोकी गई है, उतने वर्ष विलंबजितने वर्ष रोकी गई है, उतने वर्ष विलंब
पदोन्नति रोकने का दंडजितनी अवधि हेतु वंचित किया गया (अवधि न होने पर 7 वर्ष)जितनी अवधि हेतु वंचित किया गया

Q7. 01.06.2002 के बाद 2 से अधिक संतान होने पर ACP/MACP पर क्या नियम लागू होता है?

  • 01.06.2002 के पश्चात 2 से अधिक संतान होने पर ACP/MACP देय तिथि से 3 वर्ष पश्चात स्वीकृत होगी (वित्त विभाग परिपत्र 01.06.2017)।
  • नोट: इसका प्रभाव केवल संबंधित ACP/MACP पर पड़ेगा, आगामी ACP पर इसका पारिणामिक (Consequential) विलंब प्रभाव लागू नहीं होगा।

4. राजस्थान सेवा नियम – महत्वपूर्ण अवकाश (Leave Rules)

Q8. प्रसूति अवकाश (Maternity Leave – Rule 103) के क्या नियम हैं?

  1. अवधि: 2 से कम जीवित संतान वाली महिला कार्मिक को 180 दिन का प्रसूति अवकाश देय है।
  2. गर्भपात (Abortion): सम्पूर्ण सेवाकाल में 1 या 2 बार में कुल 6 सप्ताह का अवकाश प्राधिकृत चिकित्सा अधिकारी के प्रमाण पत्र पर देय है।
  3. प्रोबेशनर ट्रेनी: परिवीक्षाधीन प्रशिक्षण अवधि में भी प्रसूति अवकाश एवं पितृत्व अवकाश पूर्णतः देय है (नियम 122A)।

Q9. चाइल्ड केयर लीव (Child Care Leave – CCL – Rule 103C) की मुख्य शर्तें क्या हैं?

  • पात्रता: 18 वर्ष तक की संतान (या 40% से अधिक दिव्यांग संतान) की बीमारी/परीक्षा/देखभाल हेतु।
  • कुल अवधि: सम्पूर्ण सेवाकाल में अधिकतम 730 दिवस
  • वेतन भुगतान: प्रथम 365 दिन तक 100% वेतन एवं अगले 365 दिन 80% वेतन देय।
  • वार्षिक सीमा: एक कैलेंडर वर्ष में अधिकतम 3 बार स्वीकृत किया जा सकता है।

Q10. पितृत्व अवकाश (Paternity Leave – Rule 103A) कितना देय है?

2 से कम जीवित संतान वाले पुरुष कार्मिक को बच्चे के जन्म से 15 दिन पूर्व से 3 माह बाद तक 15 दिन का पितृत्व अवकाश स्वीकृत किया जा सकता है (संपूर्ण सेवाकाल में अधिकतम 2 बार)।

5. सेवा पुस्तिका एवं अन्य महत्वपूर्ण वित्तीय परिपत्र (Circulars)

Q11. सेवा पुस्तिका (Service Book) के संधारण हेतु क्या मुख्य निर्देश हैं?

  1. जन्मतिथि सुरक्षा: सेवा पुस्तिका में अंकित जन्म तिथि पर पारदर्शी टेप (Transparent Tape) चिपकाया जाना अनिवार्य है (परिपत्र 21.02.2012)।
  2. महिला कार्मिक का उपनाम परिवर्तन: विवाह या पुनर्विवाह के उपरांत उपनाम परिवर्तन की कार्यवाही राजस्थान सेवा नियमों के नियम 8(क) के तहत नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा की जाएगी।
  3. कार्यग्रहण समय: यदि कर्मचारी मध्याह्न पश्चात् (Afternoon) कार्यग्रहण करता है, तो समस्त वित्तीय परिलाभ आगामी तिथि से देय होंगे।

Q12. 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले सरकारी कर्मचारियों को क्या लाभ मिलता है?

वित्त विभाग के आदेशों के अनुसार, 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों को 1 जुलाई को देय वार्षिक वेतनवृद्धि को काल्पनिक (Notional Increment) मानते हुए उनकी पेंशन गणना एवं पेंशनरी परिलाभों के पुनरीक्षण हेतु स्वीकृत किया जाता है।

💡 निष्कर्ष (Conclusion)

राजस्थान सरकार के सिविल सेवा नियम, MACP तथा वेतन निर्धारण सम्बन्धी आदेश कार्मिकों के वित्तीय व सेवा अधिकारों की रक्षा करते हैं। नवीनतम MACP आदेश (01.04.2023) तथा 20.01.2025 के परिनिन्दा सम्बन्धी संशोधन ने पदोन्नति व वेतन वृद्धि प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाया है।

Disclaimers: यह लेख केवल शैक्षणिक एवं सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी आधिकारिक निर्णय या सेवा संबंधी मामले के निस्तारण हेतु राजस्थान सरकार के वित्त विभाग (Finance Department) द्वारा समय-समय पर जारी मूल नियमों एवं परिपत्रों का ही संदर्भ लें।

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